Why certain customs of Gauḍīya Vaiṣṇava Sampradāya are unprecedented and do not find direct mention in śrutis/smṛtis etc.? (English, Sanskrit and Hindi combined) / क्यों गौडीयवैष्णवसम्प्रदाय की उपासना पद्धति की बहुत बातें पूर्ववर्त्ती श्रुति/स्मृति/पुराणादि ग्रन्थों में ज्यों की त्यों उल्लिखित नहीं हैं?

Why certain customs of Gauḍīya Vaiṣṇava Sampradāya are unprecedented and do not find direct mention in śrutis/smṛtis etc.? (English, Sanskrit and Hindi combined) / क्यों गौडीयवैष्णवसम्प्रदाय की उपासना पद्धति की बहुत बातें पूर्ववर्त्ती श्रुति/स्मृति/पुराणादि ग्रन्थों में ज्यों की त्यों उल्लिखित नहीं हैं?       The following testimonies of Caitanya Upaniṣad 1.5-9, Bhaviṣya Purāṇa 3.4.10.34, […]

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श्रीमद्भागवतम् का अभूतपूर्व माहात्म्य — भाग ५ / Unprecedented glory of Śrīmad-bhāgavatam — Pt. 5

श्रीमद्भागवतम् का अभूतपूर्व माहात्म्य — भाग ५       (क) पुराणनिचय रजोगुण, सतोगुण व तमोगुण के सम्बन्ध से भी वर्गीकृत हुए है । श्रीकूर्मपुराण २.४३.४९ तथा मत्स्यपुराण ५३.६८-६९ में कथन प्राप्त होता है –   “सात्त्विकेषु पुराणेषु माहात्म्यमधिकं हरेः । राजसेषु च माहात्म्यमधिकं ब्रह्मणो विदुः ।। तद्वदग्नेश्च माहात्म्यं तामसेषु शिवस्य च । सङ्कीर्णेषु सरस्वत्या: […]

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रागानुगमार्ग का रहस्य / The confidential technique of rāga-mārga (Only Hindi version)

रागानुगमार्ग का रहस्य / The confidential technique of rāga-mārga (Only Hindi version)       गौडीय वैष्णव सम्प्रदाय के पूर्वाचार्य श्रील विश्वनाथ चक्रवर्त्तिपाद ने हितहरिवंशसंप्रदाय (वृन्दावन स्थित राधावल्लभ जी का ‘स्वकीयावादी’ मन्दिर इसी हितपन्थ की मूलपीठ है) की पञ्च मान्यताओं का खण्डन करके उन्हे ‘सौरम्यमत’ नाम देकर पाखण्डी सिद्ध किया है शास्त्रीय आधार पर श्रीभक्तिरसामृतसिन्धुः […]

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रागानुगमार्ग का रहस्य / The confidential technique of rāga-mārga (Only Hindi version)

रागानुगमार्ग का रहस्य / The confidential technique of rāga-mārga (Only Hindi version)       गौडीय वैष्णव सम्प्रदाय के पूर्वाचार्य श्रील विश्वनाथ चक्रवर्त्तिपाद ने हितहरिवंशसंप्रदाय (वृन्दावन स्थित राधावल्लभ जी का ‘स्वकीयावादी’ मन्दिर इसी हितपन्थ की मूलपीठ है) की पञ्च मान्यताओं का खण्डन करके उन्हे ‘सौरम्यमत’ नाम देकर पाखण्डी सिद्ध किया है शास्त्रीय आधार पर श्रीभक्तिरसामृतसिन्धुः […]

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भक्तिरसवेदान्तप्रतिष्ठानम् की गुरुप्रणालिका / The spiritual lineage of Bhakti Rasa Vedānta Foundation

  BRVF & its connection to Gauḍīya Vaiṣṇava Sampradāya & Sanātana Vaidika Dharma       (Link — https://goo.gl/gvtO08)   The praṇāma-mantrams of Bhakti Rasa Vedānta Foundation (to be chanted by all prospective candidates of initiation/dīkṣa by BRVF’s Bhaktirasavedāntapīṭhādhīśvara Gauḍīyarāddhāntapīṭhādhīśvara Gurupādācārya Svāmī) –   नम ॐ व्यासपादाय रूपप्रेष्ठाय भूतले । श्रीभक्तिरसाम्नायवाचस्पतिरिति नामिने ॥१॥   षड्गोस्वामिपादोपदेशानामतिप्रयत्नतः । पुनरुत्थापनाय व्यग्रो […]

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श्रीमद्भागवतम् का एकमात्र चरतमतम प्रतिपाद्य विषय क्या है? / What is the solely ultimate depicted subject of Śrīmad-bhāgavatam?

श्रीमद्भागवतम् का एकमात्र चरतमतम प्रतिपाद्य विषय  क्या है? / What is the solely ultimate depicted subject of Śrīmad-bhāgavatam?       “धर्मः प्रोज्झित कैतवोऽत्र परमो…..” (श्री.भा.म.पु. १.१.२ — अर्थात् “इस श्रीमद्भागवतम् में कैतव/कपटयुक्त तथाकथित पुरुषार्थसमूह धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष का परिहार करते हुए केवल परम भागवतधर्म का प्रतिपादन हुआ है”) – इस प्रतिज्ञावाक्य के […]

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श्रीमद्भागवतम् का अभूतपूर्व माहात्म्य — भाग ४ / Unprecedented glory of Śrīmad-bhāgavatam — Pt. 4

श्रीमद्भागवतम् का अभूतपूर्व माहात्म्य — भाग ४       पूर्वोक्त सभी सन्निविष्ट १० लक्षण/विषय श्रीमद्भागवतम् के एक अथवा एक से अधिक स्कन्धों में पृथक् पृथक् पायें जातें हैं । क्योंकि उसमें इन १० मुख्य लक्षणों की व्याप्ति है, अतः वह यथार्थतः एक महापुराण के रूप में परिभाषित हुआ है –   “श्रीशुक उवाच — […]

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भक्तिरसवेदान्तपीठस्य चित्राणि / The images of the Bhakti-rasa-vedānta-pīṭham / भक्तिरसवेदान्तपीठ के चित्र

  भक्तिरसवेदान्तपीठस्य चित्राणि / The images of the Bhakti-rasa-vedānta-pīṭham / भक्तिरसवेदान्तपीठ के चित्र       भक्तिरसवेदान्तपीठाधिपतीनां स्थायिनिवासस्थानमेतद् । (वल्लभविद्यानगरे, आनन्दजनपदे, गुर्जरप्रदेशे, भारतवर्षे)   भक्तिरसवेदान्तपीठाधीश्वर का स्थायी ठौर यह है । (वल्लभ-विद्यानगर, आनन्द जिल्ला, गुजरात राज्य, भारत देश )   This is the permanent residential venue of the Pontiff of Bhakti Rasa Vedānta Foundation. (Vallabha-vidyānagara, Dist: […]

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गुरुपादानां निबन्धावल्याः समुपलब्धि: / गुरुपादों के निबन्धावली की उपलब्धि / The availability of the essays by Gurupāda

सूचनेयम् – अध्यात्मज्ञानसुरसर्यावहगाहानार्थं सूत्रमेतत् यस्मिन् स्थले भक्तिरसवेदान्तपीठाधीश्वरैः प्रणीतानि सङ्कलितानि वा दार्शनिका: निबन्धा: स्युः —https://goo.gl/efawHS –    भक्तिरसवेदान्तप्रतिष्ठानस्य सचिवालय: (भारतवर्षस्थस्य गुर्जप्रप्रदेशस्य आनन्दे जनपदे) *** यह सूचना – अध्यात्मज्ञान की गङ्गा में सराबोर होने का यह सूत्र है कि जिस स्थान पर भक्तिरसवेदान्तपीठाधीश्वर श्रीचरणो के द्वारा प्रणीत एवं सङ्कलित दार्शनिक निबन्धनिचय विद्यमान है — https://goo.gl/efawHS –    भ.र.वे.प्र. का […]

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कार्यक्रम: भक्तिरसवेदान्तपीठाधिपतीनामग्रो / Upcoming program of Bhaktirasavedāntapīṭhādhīśvara / भक्तिरसवेदान्तपीठाधीश्वरचरणों का आगामी कार्यक्रम

  समाचारः / समाचार / Updates —   ख्रिष्ट्रपञ्जिकानुसारेणाप्रैलमासस्य त्रयोविंशतितमाया: तिथे: प्रारभ्य मईमासस्य (२०१६ ई.स्वी.) पञ्चमीतिथिपर्य्यन्ता गुरुपादाचार्यश्रीणां साधकतटस्थदेहाभ्यां (सिद्धदेहयुक्ताभ्यां) विद्यमानता वृन्दारण्ये भविष्यति । आङ्ग्ल पञ्जिका के अप्रैल माह (२०१६ ई.स्वी.) के २३वें दिन से लेकर मई माह के ५वें दिन तक आचार्यश्री गुरुपाद जी वृन्दावन में विद्यमान रहेङ्गे निज साधक व तटस्थ देहों के द्वारा […]

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